राजस्थान में जन आधार कार्ड परिवार के सदस्यों की पहचान और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज है। इसमें परिवार के मुखिया और सभी सदस्यों की जानकारी दर्ज होती है। कई बार पारिवारिक परिस्थितियों में बदलाव होने पर जन आधार में भी संशोधन करवाने की जरूरत पड़ती है। उदाहरण के लिए शादी के बाद किसी सदस्य का नया परिवार बनाना हो, अलग-अलग जन आधार परिवारों को एक साथ जोड़ना हो या परिवार का मुखिया बदलना हो।
ऐसी स्थितियों के लिए जन आधार पोर्टल पर Family Split, Family Merge और Change Head of Family जैसे अलग-अलग विकल्प दिए गए हैं। देखने में ये तीनों प्रक्रियाएं एक जैसी लग सकती हैं, लेकिन इनका उद्देश्य बिल्कुल अलग है। गलत विकल्प चुनने पर आवेदन में परेशानी आ सकती है और प्रक्रिया पूरी होने में भी देरी हो सकती है। इसलिए आवेदन करने से पहले यह समझना जरूरी है कि इन तीनों सुविधाओं का इस्तेमाल कब और किस परिस्थिति में किया जाता है।
जन आधार Family Merge क्या होता है?
Family Merge, Family Split की उलटी प्रक्रिया है। इसका अर्थ है दो या दो से अधिक अलग-अलग जन आधार परिवारों के नामांकनों को मिलाकर एक परिवार के नामांकन में एकीकृत करना। मान लीजिए किसी परिवार के सदस्यों के जन आधार दो अलग-अलग परिवार आईडी में दर्ज हो गए हैं, लेकिन अब उन्हें एक ही परिवार के रूप में दर्ज करवाने की आवश्यकता है। ऐसी स्थिति में Family Merge का विकल्प उपयोगी हो सकता है।
राजस्थान जन आधार प्राधिकरण की वेबसाइट के अनुसार दो या दो से अधिक जन आधार नामांकनों को जरूरत पड़ने पर एक जन आधार नामांकन में एकीकृत किया जा सकता है। इसे एक उदाहरण से समझ सकते हैं। किसी घर में पति-पत्नी और उनके बच्चे अलग-अलग जन आधार परिवारों में दर्ज हैं। परिवार की वास्तविक स्थिति के अनुसार यदि इन नामांकनों को एक परिवार में एकीकृत करना जरूरी है तो इसके लिए Merge की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।
यहां एक बात समझना जरूरी है कि Family Merge केवल परिवार के मुखिया का नाम बदलने की प्रक्रिया नहीं है। इसमें अलग-अलग जन आधार नामांकनों को एक करने का उद्देश्य होता है। इसी तरह यदि केवल किसी एक सदस्य को दूसरे जन आधार परिवार में भेजना है तो उसके लिए Member Transfer की अलग सुविधा उपलब्ध है। ऐसे मामले में पूरे परिवार का Merge करवाने की जरूरत नहीं होती।
जन आधार Family Split क्या होता है?
Family Split का मतलब है किसी मौजूदा जन आधार परिवार को दो या उससे अधिक अलग-अलग परिवारों में बांटना। जब परिवार का कोई सदस्य अपने अलग परिवार के साथ रहना शुरू कर देता है और उसका स्वतंत्र जन आधार परिवार बनाना जरूरी होता है, तब इस सुविधा का इस्तेमाल किया जा सकता है।
उदाहरण के लिए किसी परिवार में माता-पिता, बेटा, बहू और बच्चे एक ही जन आधार में दर्ज हैं। शादी के बाद बेटा और बहू अपने बच्चों के साथ अलग रहने लगते हैं। ऐसी स्थिति में वे पुराने परिवार से अलग होकर अपना नया जन आधार परिवार बनवा सकते हैं। इसके लिए नया नामांकन शुरू करने के बजाय Family Split की सुविधा उपलब्ध है। जन आधार प्राधिकरण के अनुसार Split होने के बाद अलग किए गए सदस्यों को नई जन आधार परिवार आईडी दी जाती है, जबकि उनकी व्यक्तिगत सदस्य आईडी पहले जैसी ही रहती है। हालांकि, परिवार का विभाजन करने के लिए कुछ शर्तें भी पूरी करनी पड़ती हैं।
- नए परिवार में शामिल किए जाने वाले सदस्यों में से कम से कम एक व्यक्ति नया मुखिया बनने की पात्रता रखता हो।
- परिवार के 5 वर्ष से अधिक आयु के सभी सदस्यों की जन आधार ई-केवाईसी पूरी होनी चाहिए।
- 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों की ई-केवाईसी जन्म प्रमाण पत्र या आधार के माध्यम से पूरी होनी चाहिए। यह इस बात पर निर्भर करता है कि उनका जन्म प्रमाण पत्र राजस्थान में जारी हुआ है या राज्य के बाहर।
- यदि किसी छोटे बच्चे की ई-केवाईसी राजस्थान में जारी जन्म प्रमाण पत्र से हुई है तो उसे अलग करने के लिए पुराने परिवार के मुखिया का आधार प्रमाणीकरण भी आवश्यक हो सकता है।
Head of Family Change क्या होता है?
Head of Family Change का मतलब है जन आधार परिवार के मौजूदा मुखिया की जगह किसी दूसरे पात्र सदस्य को मुखिया बनाना। कई परिवारों में ऐसी परिस्थिति आ सकती है जब वर्तमान मुखिया की मृत्यु हो जाए, वह परिवार की जिम्मेदारी संभालने की स्थिति में न हो या किसी अन्य कारण से मुखिया बदलने की आवश्यकता हो। ऐसे मामलों में परिवार के किसी पात्र सदस्य को नया मुखिया बनाया जा सकता है।
उदाहरण के लिए किसी परिवार में पिता जन आधार के मुखिया हैं। परिवार में मां, बेटा और अन्य सदस्य भी जुड़े हुए हैं। किसी कारण से अब मां को परिवार का मुखिया बनाना है। ऐसी स्थिति में पूरे परिवार का जन आधार अलग करने या दो परिवारों को मिलाने की जरूरत नहीं है। इसके लिए Change Head of Family का विकल्प इस्तेमाल किया जा सकता है। जन आधार में मुखिया बनाने के लिए निर्धारित पात्रता का ध्यान रखना भी जरूरी है।
राजस्थान जन आधार के नियमों के अनुसार मुखिया के चयन में निम्न व्यवस्था लागू होती है।
- परिवार में 18 वर्ष या उससे अधिक आयु की महिला सदस्य को मुखिया बनाया जा सकता है।
- यदि परिवार में 18 वर्ष या उससे अधिक आयु की कोई महिला नहीं है तो 21 वर्ष या उससे अधिक आयु का पुरुष सदस्य मुखिया बन सकता है।
- यदि परिवार में उपरोक्त दोनों श्रेणियों का कोई पात्र सदस्य नहीं है तो परिवार का सबसे अधिक आयु वाला सदस्य मुखिया बनाया जा सकता है।
इसके अलावा मुखिया के लिए वैध बैंक खाता भी जरूरी है। इसलिए नया मुखिया चुनते समय उसके बैंक खाते का विवरण सही होना चाहिए। ध्यान रहे कि Head of Family Change में परिवार के सदस्यों को अलग-अलग परिवारों में बांटना या दो अलग-अलग जन आधार नामांकनों को जोड़ना उद्देश्य नहीं होता। इसमें मौजूदा परिवार के भीतर ही मुखिया बदला जाता है।
Family Split, Merge और Head of Family Change में मुख्य अंतर
तीनों प्रक्रियाओं को लेकर भ्रम दूर करने के लिए इनके बीच का अंतर समझना उपयोगी रहेगा।
| प्रक्रिया | इसका उद्देश्य | कब उपयोग करें |
|---|---|---|
| Family Split | एक परिवार को अलग-अलग परिवारों में बांटना | जब परिवार के कुछ सदस्यों का नया परिवार बनाना हो |
| Family Merge | दो या अधिक परिवारों को एक नामांकन में जोड़ना | जब अलग-अलग जन आधार नामांकनों को एक करना हो |
| Head of Family Change | परिवार का मुखिया बदलना | जब मौजूदा मुखिया की जगह दूसरे पात्र सदस्य को जिम्मेदारी देनी हो |
इन तीनों में सबसे बड़ा अंतर यह है कि Split और Merge परिवार की संरचना से जुड़े बदलाव हैं, जबकि Head of Family Change परिवार के मुखिया से संबंधित बदलाव है।
जन आधार में इन बदलावों के लिए आवेदन कैसे करें?
राजस्थान के निवासी जन आधार में उपलब्ध संशोधन और अपडेट की सुविधाओं का इस्तेमाल अपनी एसएसओ आईडी या नजदीकी ई-मित्र केंद्र के माध्यम से कर सकते हैं। एसएसओ आईडी से आवेदन करने के लिए सबसे पहले अपनी आईडी से लॉगिन करना होता है। इसके बाद सिटीजन ऐप में उपलब्ध जन आधार विकल्प पर जाकर संबंधित संशोधन की सुविधा चुनी जा सकती है।
ई-मित्र के माध्यम से भी इन प्रक्रियाओं के लिए आवेदन किया जा सकता है। वहां ऑपरेटर को अपनी जरूरत बताकर संबंधित विकल्प चुनने के लिए कहा जा सकता है। आवेदन करने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
- परिवार के मुखिया और 5 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों की ई-केवाईसी पूरी होनी चाहिए।
- नए मुखिया का चयन करते समय उसकी निर्धारित पात्रता जांच लें।
- मुखिया के बैंक खाते का विवरण सही और उपलब्ध होना चाहिए।
- परिस्थिति के अनुसार जरूरी प्रमाण और दस्तावेज तैयार रखें।
- आवेदन जमा करने के बाद उसकी स्थिति और सत्यापन की जानकारी लेते रहें।
जन आधार पोर्टल पर Family Split और Head of Family Change जैसी कुछ गतिविधियों का सत्यापन संबंधित अधिकारियों द्वारा किया जाना जरूरी है। ये बदलाव अपने आप स्वीकृत नहीं होते। इसलिए आवेदन जमा करने के बाद सत्यापन पूरा होने का इंतजार करना चाहिए। एसएसओ आईडी से स्वयं संशोधन करने पर सरकारी FAQ के अनुसार शुल्क नहीं लगता, जबकि ई-मित्र के माध्यम से आवेदन करने पर सरकार द्वारा निर्धारित शुल्क देना पड़ सकता है।
जन आधार में एक और जरूरी सुविधा है HoF Transfer
- Family Split, Merge और Head of Family Change के अलावा जन आधार में HoF Transfer की सुविधा भी मिलती है। इसे सामान्य मुखिया परिवर्तन से अलग समझना चाहिए।
- HoF Transfer में किसी एक जन आधार परिवार के मौजूदा मुखिया को दूसरे जन आधार परिवार में स्थानांतरित किया जा सकता है। वहां उसकी स्थिति सदस्य या मुखिया के रूप में तय हो सकती है।
- उदाहरण के लिए कोई व्यक्ति अपने पुराने जन आधार परिवार से निकलकर दूसरे जन आधार परिवार में शामिल होना चाहता है। ऐसी स्थिति में केवल Head of Family Change पर्याप्त नहीं होगा। इसके लिए HoF Transfer की प्रक्रिया लागू हो सकती है।
- इस प्रक्रिया में पुराने परिवार के लिए किसी पात्र सदस्य को नया मुखिया भी चुनना पड़ता है।
- यानी यदि केवल एक परिवार के अंदर मुखिया बदलना है तो Change Head of Family और यदि मुखिया को दूसरे परिवार में स्थानांतरित करना है तो HoF Transfer का विकल्प समझना चाहिए।
कौन-सा विकल्प चुनना सही रहेगा?
जन आधार में संशोधन करवाते समय सबसे पहले अपनी पारिवारिक स्थिति को समझना चाहिए। यदि किसी सदस्य को अलग करके नया परिवार बनाना है तो Family Split चुनें। दो या अधिक अलग जन आधार परिवारों को एक करना है तो Family Merge की जरूरत हो सकती है। वहीं परिवार के सदस्यों में कोई बदलाव किए बिना केवल मुखिया बदलना है तो Head of Family Change सही विकल्प है।
आवेदन करने से पहले जन आधार की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध दिशा-निर्देश देखना भी जरूरी है। इससे गलत विकल्प चुनने की आशंका कम होगी और आवेदन की प्रक्रिया समझने में आसानी रहेगी। Family Split, Merge और Head of Family Change तीन अलग-अलग सुविधाएं हैं। इनका चुनाव केवल उसी काम के अनुसार करना चाहिए जिसकी वास्तव में परिवार को आवश्यकता है।